KRP's की कार्यमुक्ति कब होगी?
इनको कभी नहीं मिल पाया उचित और पूरा सम्मान,इनके योगदान की हमेशा ही की गई अनदेखी
बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा 2019 में शिक्षकों के प्रशिक्षण हेतु निष्ठा (NISHTHA) कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम के तहत प्रत्येक ब्लाक स्तर पर पाँच-पाँच KRP (Knowledge Resource Person / Key Resource Person) की नियुक्त की गयी थी । इनका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को शिक्षा के छेत्र की तनवीनतम शिक्षण विधियों, शिक्षा नीतियों और नवाचारों से अवगत कराना था। लेकिन आज, जब ARP (Academic Resource Person) को कार्यमुक्त कर दिया गया है जो की वर्तमान में बशिक शिक्षा कि धुरी मने जाते रहे हैं | तो KRP की स्थिति पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। यह अत्यंत खेदजनक एवंम आवश्यक है कि इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाए।
KRP के रूप में चयनित शिक्षकों ने बिना किसी अतिरिक्त मानदेय के, केवल अपने दायित्व और समर्पण से प्रदेशभर के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने निष्ठा प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को शिक्षण के नए कौशल सिखाए, डिजिटल संसाधनों से जोड़ा और पाठ्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करने में मदद की।जो ARP अब कार्यमुक्त हुए हैं उनको भी निष्ठा के अंतर्गत KRP's ने ही प्रशिक्षण दिया था।
लेकिन इन KRP's का योगदान सदैव उपेक्षित रहा। न तो उनकी मेहनत को सार्वजनिक रूप से सराहा गया, न ही उन्हें कोई अतिरिक्त लाभ दिया गया। इसके विपरीत, जहां जिस ब्लाक में ARP नियुक्त नहीं हो पाए या कम संख्या में नियुक्त हो पाए वहां शिक्षकों को सभी विभागीय प्रशिक्षण देने का कार्य KRP के द्वारा ही संपन्न कराया गया |
KRP को उनके अतिरिक्त कार्यों के लिए कोई मानदेय नहीं दिया गया, जबकि उन्होंने विभागीय निर्देशों के अनुसार पूरी निष्ठा,समर्पण और पूरे जोश उत्साह से अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई। विद्यालयीय शिक्षण कार्य के साथ-साथ, प्रशिक्षण में संदर्भदाता कि भूमिका का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वाहन करना और अन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन करना अत्यंत कठिन रहा लेकिन फिर भी सभी दायित्वों का उचित निर्वहन किया ।विभाग द्वारा बार-बार नए निर्देश जारी किए जाते रहे, जिससे KRP पर मानसिक तनाव और दबाव बना रहा
वर्षों से KRP's ने बड़ी लगन और पूर्ण निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वाहन किया | अब समय आ गया है कि KRP's को भी कार्यमुक्त कर दिया जाए,
जब ARP को तीन वर्षों के पश्चात कार्यमुक्त कर दिया गया, तो KRP को कार्यमुक्त करने में कोई तर्कसंगत बाधा नहीं होनी चाहिए। यदि उनके स्थान पर अन्य योग्य शिक्षकों को प्रशिक्षक के रूप में नियुक्त कर दिया जाए, तो KRP अपने विद्यालय में गंभीरता से पूर्णतः शिक्षण कार्य कर सकेंगे और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकेंगे।
अंत में कहना चाहूंगा कि KRP का योगदान किसी भी दृष्टिकोण से कम महत्वपूर्ण नहीं है, इनकी कर्त्तव्य निष्ठा और परिश्रम के लिए बेसिक शिक्षा परिवार सदैव इनका आभारी रहेगा |
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