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Saturday, April 26, 2025

सोशल मीडिया पोस्ट से फंसा सरकारी शिक्षक, पहलगाम हमले को बताया प्रोपेगेंडा, पुलिस ने किया गिरफ्तार





हाल ही में एक सरकारी शिक्षक का मामला सामने आया है, जो अपने सोशल मीडिया स्टेटस के कारण बड़ी मुसीबत में फंस गया है। शिक्षक ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले को एक "प्रोपेगेंडा" बताया था। इस बयान को सोशल मीडिया पर डालते ही यह तेजी से वायरल हो गया और पुलिस तक मामला पहुँच गया। पुलिस का कहना है कि इस तरह की पोस्ट न केवल समाज में शांति भंग कर सकती है, बल्कि आतंकियों की सोच को समर्थन भी दे सकती है। पुलिस ने इस शिक्षक को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। वहीं शिक्षा विभाग ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षक को निलंबित कर दिया है।

बताया जा रहा है कि शिक्षक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक स्टेटस डाला था, जिसमें पहलगाम में हुए हमले को फर्जी और योजनाबद्ध बताया गया था। शिक्षक ने लिखा था कि यह सब एक साजिश है और लोगों को गुमराह करने के लिए फैलाया जा रहा है। जैसे ही यह स्टेटस सामने आया, लोगों में नाराजगी फैल गई। कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।

पुलिस का कहना है कि इस तरह की पोस्ट बहुत संवेदनशील माहौल में जहर घोल सकती है। खासकर जब देश का माहौल पहले से ही आतंकवाद के कारण तनावपूर्ण है, ऐसे में किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा इस तरह का बयान देना बहुत गैरजिम्मेदाराना है। पुलिस ने शिक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में शिक्षक ने अपना अपराध कबूल कर लिया है और कहा है कि उसने यह स्टेटस बिना सोचे-समझे डाला था।

शिक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। विभाग ने तत्काल प्रभाव से शिक्षक को निलंबित कर दिया है। विभाग का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों को ऐसे संवेदनशील मामलों पर सोच-समझकर बयान देना चाहिए। सरकारी सेवा में रहते हुए किसी भी तरह की गैरजिम्मेदाराना हरकत सहन नहीं की जाएगी। विभाग ने यह भी कहा है कि शिक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी और उसकी सेवाओं पर आगे फैसला जांच पूरी होने के बाद लिया जाएगा।

लोगों का भी इस मामले पर तीखा प्रतिक्रिया सामने आया है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि जब एक शिक्षक, जो बच्चों को सही और गलत का पाठ पढ़ाता है, खुद इस तरह की अफवाहें फैलाता है, तो समाज का क्या होगा। लोगों ने सरकार से मांग की है कि ऐसे कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि दूसरों को भी सबक मिले।

देश में इस समय सुरक्षा को लेकर बहुत सतर्कता बरती जा रही है। आतंकी घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां लगातार अलर्ट पर हैं। ऐसे में किसी भी तरह की अफवाह या गलत सूचना समाज में तनाव बढ़ा सकती है। सरकार और पुलिस दोनों इस तरह की हरकतों पर कड़ी नजर रख रही हैं। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि अगर वे किसी भी तरह की भड़काऊ या गलत सूचना देखें तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

यह मामला यह भी बताता है कि सोशल मीडिया का उपयोग कितनी जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए। आजकल हर व्यक्ति के पास सोशल मीडिया पर अपनी बात रखने की आजादी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम बिना सोच-विचार के कुछ भी लिखें। खासकर सरकारी कर्मचारियों को तो और भी ज्यादा सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि उनके हर शब्द को जनता गंभीरता से लेती है।

पुलिस ने यह भी बताया कि शिक्षक का स्टेटस उन ग्रुप्स और पेजों पर भी फैल गया था, जो देश विरोधी सोच रखते हैं। इस वजह से यह मामला और भी गंभीर बन गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं शिक्षक के किसी आतंकी संगठन से संबंध तो नहीं हैं। हालांकि अभी तक कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शिक्षा विभाग ने अपने सभी कर्मचारियों को भी चेतावनी जारी की है कि वे सोशल मीडिया पर कोई भी टिप्पणी करते समय सतर्क रहें। विभाग ने कहा है कि अगर कोई भी कर्मचारी सरकारी सेवा के नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सोशल मीडिया आचार संहिता का पालन करने की भी सलाह दी है।

यह घटना समाज के लिए भी एक सीख है। हमें यह समझना चाहिए कि सोशल मीडिया पर लिखी गई एक छोटी सी बात भी बड़े विवाद का कारण बन सकती है। जब देश के हालात नाजुक हों, तो और भी जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए। हमें यह भी याद रखना चाहिए कि हमारी बातें दूसरों को प्रभावित कर सकती हैं।

लोगों ने शिक्षक के इस कृत्य की निंदा करते हुए कहा है कि जब शिक्षक ही गलत संदेश फैलाएंगे, तो छात्रों को क्या सिखाएंगे। शिक्षक का काम बच्चों को सही दिशा दिखाना है, न कि अफवाहें फैलाना। इस घटना के बाद समाज में शिक्षकों की भूमिका को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों ने कहा कि शिक्षकों को भी सोशल मीडिया प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए ताकि वे समझ सकें कि किस तरह की बातें करना सही है और किस तरह की बातें नहीं।

पुलिस ने शिक्षक के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने पहले भी इस तरह की कोई पोस्ट की थी या किसी आतंकी ग्रुप के संपर्क में था। पुलिस ने कहा है कि अगर जांच में कुछ भी संदिग्ध पाया गया तो शिक्षक पर देशद्रोह जैसी गंभीर धाराओं मंब भी मामला दर्ज किया जा सकता है।

सरकार ने भी इस पूरे मामले पर कड़ी नजर रखी है। सरकार का कहना है कि जो भी देश की एकता और अखंडता के खिलाफ जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी कहा है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा दी जाएगी।

इस घटना से साफ है कि सोशल मीडिया पर कुछ भी लिखते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। एक गलत शब्द भी आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकता है। खासकर जब आप सरकारी सेवा में हों, तो आपकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। इस मामले ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए एक चेतावनी का काम किया है कि वे अपने कर्तव्यों को गंभीरता से लें और बिना जांचे-परखे कोई भी टिप्पणी न करें।

अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि यह घटना हमें सोशल मीडिया के सही उपयोग की अहमियत समझाती है। सोशल मीडिया एक शक्तिशाली साधन है, लेकिन इसका दुरुपयोग समाज को नुकसान पहुँचा सकता है। हमें हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि हम जो भी लिखें या शेयर करें, वह सही और जिम्मेदारी भरा हो। तभी हम एक सुरक्षित और मजबूत समाज का निर्माण कर सकते हैं। इस घटना ने यह भी साबित कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और गलत काम करने वाले को सजा जरूर मिलेगी। शिक्षक का निलंबन और गिरफ्तारी समाज को एक संदेश देता है कि देश विरोधी गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है, चाहे वह कोई भी हो।


👉पहेंलगाम में 22 अप्रैल 2025 का आतंकी हमला – बायसरन पार्क में निर्दोष हिंदू पर्यटकों की हत्या

https://upbasicschoolnews.blogspot.com/2025/04/22-2025.html


👉8वां वेतन आयोग: सरकारी वेतन और पेंशन में बदलाव की तैयारी

https://upbasicschoolnews.blogspot.com/2025/04/8.html


👉पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन | 1 मई 2025 जंतर-मंतर चलो अभियान

https://upbasicschoolnews.blogspot.com/2025/04/1-2025.html


👉किसी भी शादी विवाह एवं निजी समारोह कार्यक्रम हेतु परिषदीय विद्यालय भवन किसी को भी उपलब्ध न करायें, BSA का आदेश जारी https://basicshikshakhabar.com/2025/04/r-808/



Saturday, April 19, 2025

स्कूल चलो मिशन 2025-26: हर बच्चा स्कूल जाएगा, सपनों को सच बनाएगा।




स्कूल चलो मिशन 2025 – एक शिक्षित उत्तर प्रदेश की दिशा में कदम



स्कूल चलो मिशन 2025 उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य यह है कि हर बच्चा स्कूल जाए और पढ़ाई से वंचित न रहे। यह योजना खासकर गरीब, पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है ताकि वे भी शिक्षा का अधिकार पा सकें। यह मिशन उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा चलाया जा रहा है और इसका मकसद सभी बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से जोड़ना है।

उत्तर प्रदेश की सरकार यह मानती है कि जब तक हर बच्चा स्कूल नहीं जाएगा, तब तक समाज और देश का विकास अधूरा रहेगा। इसीलिए सरकार ने यह लक्ष्य रखा है कि 2025 तक राज्य का कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे। इसके लिए गांव-गांव और मोहल्लों में जाकर अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है कि वे अपने बच्चों को स्कूल जरूर भेजें। कई जगहों पर शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्राम प्रधानों की मदद से बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है|



स्कूल चलो मिशन 2025 में कई योजनाओं को जोड़ा गया है जिससे बच्चों को स्कूल आने में किसी तरह की परेशानी न हो। बच्चों को मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म, जूते-मोज़े और बैग दिए जा रहे हैं। साथ ही मिड-डे मील योजना के तहत दोपहर का भोजन भी स्कूलों में दिया जा रहा है। इससे गरीब परिवारों के लिए अपने बच्चों को स्कूल भेजना आसान हो गया है क्योंकि अब उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ खाना और जरूरी सामान भी स्कूल से मिल रहा है।

सरकार ने यह भी तय किया है कि जो बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं, उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ा जाए। इसके लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। शिक्षक और अधिकारी उन बच्चों के घर जाकर उनसे और उनके माता-पिता से बात करते हैं और उन्हें स्कूल में दाखिला दिलाने का प्रयास करते हैं। खासकर बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि कई बार लड़कियों को घरेलू कामों में लगा दिया जाता है और उनकी पढ़ाई छूट जाती है। अब सरकार लड़कियों को स्कूल भेजने के लिए भी विशेष योजनाएं बना रही है।

स्कूल चलो मिशन के तहत सभी स्कूलों में नामांकन अभियान चलाया गया है। इसमें बच्चों को स्कूल में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया जाता है और हर बच्चे की जानकारी दर्ज की जाती है। अगर कोई बच्चा स्कूल से गायब होता है या नहीं आता, तो उसके बारे में जांच की जाती है और उसे वापस स्कूल लाने की कोशिश की जाती है। शिक्षकों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने क्षेत्र के सभी बच्चों की जानकारी रखें और सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे।

इस योजना में तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है। कई स्कूलों में अब डिजिटल हाजिरी की जा रही है जिससे यह पता चलता है कि कितने बच्चे नियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं। साथ ही शिक्षा विभाग एक ऐप के माध्यम से हर स्कूल की जानकारी इकट्ठा कर रहा है ताकि योजना को सफल बनाया जा सके। यह ऐप यह भी दिखाता है कि कहां पर बच्चों की संख्या कम है और कहां पर और काम करने की जरूरत है।

स्कूल चलो मिशन 2025 में पंचायतों, नगर निकायों, शिक्षकों, समाजसेवियों और स्थानीय लोगों की भी मदद ली जा रही है। स्कूल चलो रैलियां, प्रभात फेरियां और जनजागरूकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं ताकि लोगों को यह समझाया जा सके कि शिक्षा कितनी जरूरी है। छोटे-छोटे बच्चे हाथों में तख्तियां लेकर जब गांवों में निकलते हैं और नारे लगाते हैं "पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया", तो लोगों का ध्यान इस ओर जाता है और वे भी अपने बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने लगते हैं।

सरकार यह भी चाहती है कि सरकारी स्कूलों की छवि सुधरे ताकि माता-पिता अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों के बजाय सरकारी स्कूलों में भेजने को तैयार हों। इसके लिए स्कूलों की इमारतें सुधारी जा रही हैं, शौचालय बनवाए जा रहे हैं, पीने का साफ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है और कंप्यूटर शिक्षा की सुविधा भी दी जा रही है। जब स्कूल अच्छा और साफ-सुथरा होगा, तो बच्चे भी वहां जाना पसंद करेंगे और पढ़ाई में रुचि लेंगे।

स्कूल चलो मिशन में शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। खेल-कूद, चित्रकला, गायन, नृत्य और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ अपनी रुचियों को भी पहचान सकें। शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि वे बच्चों को प्यार और स्नेह से पढ़ाएं ताकि बच्चा स्कूल आने से डरे नहीं बल्कि खुशी से आए।

यह मिशन केवल सरकार का नहीं, बल्कि हम सबका है। जब तक हर माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल नहीं भेजेंगे, तब तक यह मिशन सफल नहीं हो सकता। समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा और शिक्षा के इस अभियान में योगदान देना होगा। स्कूल चलो मिशन 2025 हमें यह याद दिलाता है कि शिक्षा केवल किताबें पढ़ना नहीं है, बल्कि यह बच्चों का भविष्य है, और एक पढ़ा-लिखा बच्चा ही कल एक अच्छा नागरिक बन सकता है।

बेसिक शिक्षा विभाग का यह प्रयास सराहनीय है कि वह हर साल इस योजना को और मजबूत बना रहा है। पहले जहां स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या अधिक थी, वहीं अब धीरे-धीरे यह संख्या घट रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में अब माता-पिता भी शिक्षा के महत्व को समझने लगे हैं। उन्हें यह समझ में आने लगा है कि अगर उनके बच्चे पढ़-लिख जाएंगे तो वे एक अच्छा जीवन जी पाएंगे।

अभी भी कुछ चुनौतियाँ हैं, जैसे कुछ इलाकों में स्कूल दूर होने के कारण बच्चे नहीं जा पाते, कुछ जगहों पर शिक्षक पर्याप्त नहीं हैं, तो कहीं स्कूलों में सुविधा कम है। लेकिन सरकार इन सभी समस्याओं को दूर करने की कोशिश कर रही है। नए स्कूल खोले जा रहे हैं, शिक्षक बहाल किए जा रहे हैं और स्कूलों को सुविधाजनक बनाया जा रहा है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि स्कूलों में बच्चों को सही तरीके से पढ़ाया जाए और उनकी पढ़ाई में कोई कमी न हो।

स्कूल चलो मिशन 2025 का लक्ष्य बड़ा है लेकिन अगर सभी लोग मिलकर प्रयास करें तो यह जरूर सफल हो सकता है। यह मिशन न केवल बच्चों को शिक्षा देगा बल्कि हमारे देश को एक उज्जवल भविष्य भी देगा। जब हर बच्चा पढ़ेगा, तो वह अपने परिवार, गांव और देश के विकास में योगदान देगा। एक पढ़ा-लिखा समाज ही सशक्त समाज बन सकता है।

इसलिए हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने आस-पास के सभी बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे, उनकी मदद करेंगे और इस मिशन को सफल बनाने में अपना योगदान देंगे। स्कूल चलो मिशन 2025 केवल एक योजना नहीं है, यह एक आंदोलन है – शिक्षा का आंदोलन, भविष्य निर्माण का आंदोलन। आइए हम सब मिलकर इस मिशन को सफल बनाएं और उत्तर प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य बनाएं।


Thursday, April 3, 2025

डिजिटल प्रवेश पंजिका

 


‘’अतिमहत्वपूर्ण/ तत्काल’’ उत्तर प्रदेश  बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों में नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं का विवरण 'डिजिटल प्रवेश पंजिका में अंकित किये जाने के सम्बन्ध में।

 समस्त 

      A.D.(B), BSA, BEO, DIET PRINCIPAL, DC, BEO, SRG

      ** सभी संबंधित से अपेक्षा है कि संलग्न निर्देश के अनुपालन में नव प्रवेशित बच्चों का विवरण 'डिजिटल प्रवेश

      ** पंजिका' पर प्रतिदिन अंकित कराना सुनिश्चित  करें।

      ** डिजिटल प्रवेश पंजिका के आधार पर प्रतिदिन के नवीन प्रवेश की समीक्षा उच्च स्तर से की जा रही है।


   उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों में नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं का विवरण 'डिजिटल प्रवेश पंजिका में अंकित किये जाने के सम्बन्ध में।



















               स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम फेज-2 सत्र 2025-26 के संचालन के पूर्व की तैयारी             (1अप्रैल 2025 से 15अप्रैल 2025 तक)   

 
  
  दीक्षा पोर्टल पर 12 सप्ताह के स्कूल रेडीनेस कोर्स -1,2 एवं 3 को नोडल शिक्षक संकुल, नोडल अध्यापक एवं प्रधानाध्यापक द्वारा पूर्ण किया जाना है।

 
कोर्स लिंक 


मूल्यांकन प्रश्नोत्तरी  

https://shorturl.at/efCS5
 
               https://youtu.be/GljwwgrAiMk?si=GPIQLgaUMQvgcxlH






Wednesday, April 2, 2025

के०आर०पी ० की अनदेखी





 KRP's की कार्यमुक्ति कब होगी? 

 इनको कभी नहीं मिल पाया उचित और पूरा सम्मान,इनके योगदान की हमेशा ही की गई अनदेखी 



बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा 2019 में शिक्षकों के प्रशिक्षण हेतु निष्ठा (NISHTHA) कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम के तहत प्रत्येक ब्लाक स्तर पर पाँच-पाँच KRP (Knowledge Resource Person / Key Resource Person) की  नियुक्त की गयी थी । इनका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को शिक्षा के छेत्र की तनवीनतम शिक्षण विधियों, शिक्षा नीतियों और नवाचारों से अवगत कराना था। लेकिन आज, जब ARP (Academic Resource Person) को कार्यमुक्त कर दिया गया है जो की वर्तमान में बशिक शिक्षा कि धुरी मने जाते रहे हैं | तो KRP की स्थिति पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। यह अत्यंत खेदजनक एवंम  आवश्यक है कि इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाए।

KRP के रूप में चयनित शिक्षकों ने बिना किसी अतिरिक्त मानदेय के, केवल अपने दायित्व और समर्पण से प्रदेशभर के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने निष्ठा प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को शिक्षण के नए कौशल सिखाए, डिजिटल संसाधनों से जोड़ा और पाठ्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करने में मदद की।जो ARP अब कार्यमुक्त हुए हैं उनको भी निष्ठा के अंतर्गत KRP's ने ही प्रशिक्षण दिया था।

लेकिन इन KRP's का योगदान सदैव उपेक्षित रहा। न तो उनकी मेहनत को सार्वजनिक रूप से सराहा गया, न ही उन्हें कोई अतिरिक्त लाभ दिया गया। इसके विपरीत, जहां जिस ब्लाक में ARP नियुक्त नहीं हो पाए या कम संख्या में नियुक्त हो पाए वहां शिक्षकों को सभी विभागीय प्रशिक्षण देने का कार्य KRP के द्वारा ही संपन्न कराया गया | 

 KRP को उनके अतिरिक्त कार्यों के लिए कोई मानदेय नहीं दिया गया, जबकि उन्होंने विभागीय निर्देशों के अनुसार पूरी निष्ठा,समर्पण और पूरे जोश उत्साह से अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई। विद्यालयीय शिक्षण कार्य के साथ-साथ, प्रशिक्षण में संदर्भदाता कि भूमिका का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वाहन करना और अन्य  जिम्मेदारियों का निर्वहन करना अत्यंत कठिन रहा लेकिन फिर भी सभी दायित्वों का उचित निर्वहन किया ।विभाग द्वारा बार-बार नए निर्देश जारी किए जाते रहे, जिससे KRP पर मानसिक तनाव और दबाव बना रहा

वर्षों से KRP's ने बड़ी लगन और पूर्ण निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वाहन किया | अब समय आ गया है कि KRP's को भी कार्यमुक्त कर दिया जाए,

जब ARP को तीन वर्षों के पश्चात कार्यमुक्त कर दिया गया, तो KRP को कार्यमुक्त करने में कोई तर्कसंगत बाधा नहीं होनी चाहिए। यदि उनके स्थान पर अन्य योग्य शिक्षकों को प्रशिक्षक के रूप में नियुक्त कर दिया जाए, तो KRP अपने विद्यालय में गंभीरता से पूर्णतः शिक्षण कार्य कर सकेंगे और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकेंगे।

अंत में कहना चाहूंगा कि KRP का योगदान किसी भी दृष्टिकोण से कम महत्वपूर्ण नहीं है,  इनकी कर्त्तव्य निष्ठा और परिश्रम के लिए बेसिक शिक्षा परिवार सदैव इनका आभारी रहेगा |


https://www.updatemarts.com/2025/04/mdm-exclusive.html

https://www.updatemarts.com/2025/04/t-c.html







 

प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेश उत्सव मना विद्यार्थियों का किया सम्मान

 




स्कूल चलो अभियान 2025-26

रसूलाबाद (कानपुर देहात देहात ), 1 अप्रैल | मंगलवार को परिषदीय विद्यालयों में  नवीन सत्र  2025-26 प्रारम्भ होने के उपलक्ष्य में प्रवेशोत्सव मनाया गया जिसमे नामांकन करने आये बच्चों के तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया  |नन्हे -नुन्ने बच्चो के आने पर फूल बरसाए और मिठाई खिलाई और रोचना किया |

       इस  दौरान नामांकन करने आये कक्षा 1, कक्षा 2, के बच्चों को पेंसिल उपहार के रूप में दी गयी | अन्य कक्षा के बच्चों को एक पेन और एक बिस्कुट  पाकर बच्चों के चेहरे खिल गये | विद्यालय परिसर स्स्फ़ सफाई से लेकर सजाने, रंगोली बनाने  तक समस्त कार्य शिक्षक एवंम छात्रों ने मिलकर किया




👉 वर्ष 2025-26 में विद्या प्रवेश/स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम कक्षा-1 में संचालित करने के संबंध में 12 सप्ताह की स्ट्रेटजी करें डॉउनलोड



👉 महत्त्वपूर्ण जानकारी: मानव सम्पदा और चयन वेतनमान-INITIAL कैडर






अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण समाचार | शिक्षक ट्रान्सफर उत्तर प्रदेश

 समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी,

उत्तर प्रदेश।

कृपया परिषद के पत्र संख्या-बे0शि0प0/19442-19521/2024-25, दिनांक 06.03.2025 का सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा पारस्परिक अर्न्तजनपदीय स्थानान्तरण के सम्बन्ध में समय सारिणी के साथ विस्तृत दिशा निर्देश प्रेषित किये गये है। 

तत्क्रम में निर्धारित समय सारिणी के अनुसार पारस्परिक अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण हेतु ऑनलाइन रजिस्टेशन के लिए बेबसाइट https://interdistricttransfer.upsdc.gov.in लाइव हो गयी है। कृपया उक्त से अगवत होते हुए अग्रेतर कार्यवाही कराना सुनिश्चित करें।

भवदीय,

सचिव,

उ0प्र0, बेसिक शिक्षा परिषद,

प्रयागराज।


         👉  अन्तः जनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू, देखें मुख्य डाक्यूमेंट्स

                              https://basicshikshakhabar.com/2025/04/t-1638/



          👉 अंतर्जनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण हेतु लिंक

                             https://basicshikshakhabar.com/2025/04/h-2204/



म्यूच्यूअल ट्रांसफर के लिए  स्पेशल अपडेट 

कानपुर देहात |


1.म्यूच्यूअल ट्रांसफर में जिले के बाहर के किये ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कल से प्रारम्भ हो चुके हैं।


2.  जिले के अंदर म्यूच्यूअल ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन आज शाम से प्रारम्भ होंगे।

3.कुछ मुख्य बिंदु जो आपको अंतर्जनपदीय म्यूच्यूअल ट्रांसफर के लिए रजिस्ट्रेशन में ध्यान रखना है...

a. अपना एक ऐसा मजबूत साथी तलाशना जो बाद में धोखा न दे, उसके साथ आपकी बोन्डिंग अच्छी हो |

b. सावधानीपूर्वक सभी पहलूवो पर विचार केर के ही आगे क सरे काम करें |

4. एक बार फॉर्म फाइनल सबमिट होने के बाद उसमें करेक्शन का कोई विकल्प नही है।

5.अधिकतम तीन जनपदों और न्यूनतम एक जनपद का विकल्प आप दे सकते हैं।

6. यदि आपको अपना म्यूच्यूअल अटूट बंधन के साथ मिल गया है तो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में दोनों लोग एक-एक ही वांछित जनपद का विकल्प भरें, इससे गठबंधन और अटूट होगा।

7. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का प्रिंट आउट लेने के बाद उसकी PDFको अपनी मेल ID पर अवश्य सेव कर लें,अन्यथा रजिस्ट्रेशन की समय सीमा बीतने के बाद आप इसकी PDF पुनः नहीं डाउनलोड कर पाएंगे।

8. आवश्यक सभी दस्तावेज सदेव अपने साथ रखें या अपने फ़ोन पैर सेव केर लें |

9. अंतर्जनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण के लिए आवेदन का रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए संपर्क कर सकते हैं |



👉 टीसी निर्गत करने हेतु जिला समन्वयक प्रशिक्षण का निर्देश

https://www.updatemarts.com/2025/04/blog-post_89.html


👉 स्कूल चलो हेतु *"कई वर्ष पूर्व लिखित पंक्तियां" (वर्तमान में पुनः प्रासंगिक)*

https://www.updatemarts.com/2025/04/blog-post_28.html


 👉एआरपी परीक्षा में 59 शिक्षक फेल, केवल 57 हुए उत्तीर्ण

https://www.updatemarts.com/2025/04/59-57.html


      जिले के अंदर के ट्रान्सफर  अभी तक नही हो सके सुरु .......

  परिषदीय विद्यालयों में लंबे समय बाद शुरू होनी वाली परस्पर तबादले की प्रक्रिया विभाग के अधिकारियों की हीलाहवाली से अटकी पड़ी है। जिले के अंदर शिक्षकों के परस्पर तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन 48 घंटे बाद भी शुरू नहीं हो सके। इससे शिक्षक काफी परेशान हैं।

विभाग ने दिसंबर 2024 में जिले के अंदर और एक से दूसरे जिले में शिक्षकों के परस्पर तबादले करने का दिशा-निर्देश जारी किया था। वहीं मार्च में बेसिक शिक्षा परिषद ने आदेश जारी किया गया कि एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले के लिए आवेदन एक से 11 अप्रैल और जिले के अंदर परस्पर तबादले के लिए आवेदन दो 11 अप्रैल तक होंगे।

दो अप्रैल से परिषदीय शिक्षकों के लिए शुरू होने थे आवेदन

शिक्षक परेशान, विभागीय अफसर नहीं दे रहे हैं जवाब

लिए आवेदन तो शुरू हो गए लेकिन दो अप्रैल से शुरू होने वाले जिले के अंदर तबादले के आवेदन अभी तक नहीं शुरू हो सके हैं। इसके लिए परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो विभाग साल भर बाद यह कवायद कर रहा है। उसमें भी शिक्षकों को आवेदन करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जा रहा है। इसके लिए शिक्षकों ने विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया लेकिन वह भी कोई जवाब नहीं दे रहे।

   👉 बिना किताबों के शुरू हुआ नया शिक्षा सत्र

       https://www.updatemarts.com/2025/04/blog-post_747.html

  

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